Azukania Wahawafe

© Nikhil Sinha, 2003-2021

Facebook Twitter

Azukania

कृत्रिम भाषाएँ

Azukania | Contents

भूमिका

किसी एक व्यक्ति या अनेक व्यक्तियों द्वारा निर्मित भाषा को कृत्रिम भाषा कहते हैं। इसके विपरीत प्राकृतिक भाषाएँ (जैसे हिन्दी, बंगाली, अंग्रेज़ी और जापानी) अनगिनत वर्षों में स्वयं विकसित हुई हैं। इनका निर्माण किसी एक व्यक्ति या समूह ने नहीं किया है। कृत्रिम भाषा को निर्मित भाषा भी कहा जा सकता है।

कृत्रिम भाषाओं के प्रकार

कृत्रिम भाषाएँ कई कारणों से बनाई जाती हैं। निर्माण के कारणों के आधार पर कृत्रिम भाषाओं को दो वर्गों में बाँटा जा सकता है: वैचारिक भाषाएँ और कलात्मक भाषाएँ।

प्राकृतिक भाषाओं की तरह कृत्रिम भाषाओं में भी ध्वनियाँ होती हैं। ध्वनियों के मेल से शब्द बनते हैं। व्याकरण के नियमों के अनुसार शब्द आपस में वाक्यों में प्रयुक्त होते हैं। कृत्रिम भाषाएँ एक या अनेक प्राकृतिक भाषाओं पर आधारित हो सकती हैं। वे प्राकृतिक भाषाओं से पूर्णतः भिन्न भी हो सकती हैं।

वैचारिक भाषाएँ

वैचारिक भाषाएँ अलग-अलग विचारों पर आधारित होती हैं। इन्हें विभिन्न वर्गों में बाँटा जा सकता है, जैसे दार्शनिक भाषाएँ, तार्किक भाषाएँ, प्रयोगात्मक भाषाएँ और सहायक भाषाएँ। कई भाषाएँ एक से अधिक वर्गों में भी वर्गीकृत हो सकती हैं। दार्शनिक और तार्किक भाषाएँ क्रमशः दर्शन और तर्क के सिद्धांतों पर आधारित होती हैं। प्रयोगात्मक भाषाओं का निर्माण भाषावैज्ञानिक प्रयोगों के लिये किया जाता है। सहायक भाषा का निर्माण इसलिये होता है कि वह भिन्न भाषाएँ बोलने वाले लोगों के बीच एक सामान्य, आसान और तटस्थ भाषा के रूप में प्रयुक्त हो सके। वैचारिक भाषाओं के कुछ प्रमुख उदाहरण हैं वोलापुक [Volapük] (सहायक भाषा), एस्पेरांतो [Esperanto] (सहायक भाषा), इंटरलिंगुआ [Interlingua] (सहायक भाषा), टोकी पोना [Toki Pona] (दार्शनिक भाषा), इथकुइल [Ithkuil] (दार्शनिक और तार्किक भाषा), लोगलान [Loglan] (तार्किक, प्रयोगात्मक और सहायक भाषा) और लोजबान [Lojban] (तार्किक, प्रयोगात्मक और सहायक भाषा)।

कलात्मक भाषाएँ

कलात्मक भाषानिर्माण कला का एक रूप है। कलात्मक भाषाओं को कई कारणों से बनाया जाता है। इनका प्रयोग साहित्य, फ़िल्मों, टेलीविजन कार्यक्रमों, संगीत, कम्प्यूटर खेलों, इत्यादि में किया जा सकता है। इनका निर्मण भाषाओं और भाषाविज्ञान में रुचि रखने वाले लोग मनोरंजन के लिये भी करते हैं। इनका प्रयोग गुप्त रूप से अपनी डायरी, आदि लिखने के लिये भी किया जा सकता है। कलात्मक भाषाओं के कुछ प्रमुख उदाहरण हैं क्वेन्या [Quenya] ("द लॉर्ड ऑफ़ द रिंग्ज़" पुस्तकों और फ़िल्मों में प्रयुक्त), क्लिंगोन [Klingon] (“स्टार ट्रेक" शृंखला में प्रयुक्त) और नावी [Na'vi] (“अवतार" फ़िल्म में प्रयुक्त)।

भारतीय कृत्रिम भाषाएँ

भाषानिर्माण और कृत्रिम भाषाओं से जुड़े अधिकतर लोग यूरोप और उत्तर अमरीका में रहते हैं, लेकिन संसार के अन्य भागों में भी लोग इनमें दिलचस्पी रखते हैं। मुझे कुछ ही भारतीय कृत्रिम भाषाओं की जानकारी है। इनमें पाँच भाषाएँ मेरी हैं। वे हैं निहिलोस्क [Nihilosk] (२००३, कलात्मक भाषा), इंदिका [Indika] (२००३, हिन्दी पर आधारित एक कलात्मक भाषा), गौकिम [Gokim] (२००३, कलात्मक भाषा), कानिक [Cannic] (२००४, अंग्रेज़ी पर आधारित एक कलात्मक भाषा) और त्रॅज़ू [Træzü] (२०११, कलात्मक भाषा)। इनके अलावा भाषा [Bhaxa] (अनिरुद्ध बसु, संस्कृत पर आधारित एक कलात्मक भाषा) और लिन [Lin] (श्रीकांत, दार्शनिक भाषा) भी भारतीय कृत्रिम भाषाएँ हैं। ग्लोबिश [Globish] (मधुकर गोगाटे) एक प्राकृतिक भाषा (अंग्रेज़ी) का नियंत्रित रूप है, पर इसे एक कृत्रिम सहायक भाषा भी माना जा सकता है।

कृत्रिम भाषाओं के उदाहरण

मेरी भाषा, कानिक, का एक छोटा-सा उदाहरण निम्नलिखित है। कानिक भाषा कानिक और रोमन लिपियों में लिखी जाती है। कानिक लिपि मेरे द्वारा निर्मित है।

कानिक (कानिक लिपि):         .            .

कानिक (रोमन लिपि): Óla hrúmanas burþár frín án ikvála dignínin án rítetát. Itas hávár rízana án kóncisa án cudí áktí óluviþ á éspirité braðánéssos.

कानिक (देवनागरी लिप्यांतरण): औल ह्रूमनस् बुर्थार् फ़्रीन् आन् इक्वाल डिग्नीनिन् आन् रीटेटाट्। इटस् हावार् रीज़न आन् कौंशिस आन् शुडी आक्टी औलुविथ् आ ऐस्पिरिटै ब्रदानैस्सोस्।

हिन्दी: सभी मनुष्यों को गौरव और अधिकारों के मामले में जन्मजात स्वतन्त्रता और समानता प्राप्त है। उन्हें बुद्धि और अन्तरात्मा की देन है और परस्पर उन्हें भाईचारे के भाव से बर्ताव करना चाहिये।

२०० से अधिक कृत्रिम भाषाओं के उदाहरण देखने के लिये आप वाहावाफ़े पर जा सकते हैं। वहाँ १०० से अधिक प्राकृतिक भाषाओं के उदाहरण भी आप देख सकते हैं।

अधिक जानकारी

कृत्रिम भाषाओं पर अधिक जानकारी के लिये आप गूगल और विकिपीडिया पर खोज कर सकते हैं।

I would love to hear from you regarding anything on Azukania Wahawafe! Corrections and new translations for Wahawafe are also very welcome! Please email me at ns [at] nikhilsinha.xyz, or get in touch with me through Facebook or Twitter.

This website was last updated on 12 May 2021.

Free counters!